उत्तराखंड की दवाई का सैंपल जांच में फैल।


उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में निर्मित दवाइयां और कफ सिरप गुणवत्ता के पैमाने पर फेल साबित हुए हैं। औषधि विभाग की जांच में दो अलग-अलग दवाइयों के नमूने अधोमानक पाए गए हैं। अब विभाग ने संबंधित निर्माता कंपनियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने की तैयारी कर ली है। विभाग ने नमूने एक साल पहले लिए थे।
ड्रग्स इंस्पेक्टर दीपक लोधी ने बताया कि 2025 में मेडिकल रोड स्थित ला शिफा मेडिकल स्टोर पर छापेमारी की गई थी, जो बिना लाइसेंस के संचालित हो रहा था। इस दौरान टीम ने वहां से लॉरेंट सी कफ सिरप का नमूना भरा था। जांच के लिए भेजी गई यह सिरप उत्तराखंड के हरिद्वार स्थित सिड़कुल की रेवियन लाइफसाइंस प्राइवेट लिमिटेड – फर्म द्वारा बनाई गई थी।

राजकीय प्रयोगशाला की जांच में इस सिरप का नमूना फेल पाया गया है। इस संबंध में निर्माता कंपनी को नोटिस भेजकर पक्ष रखने का अवसर दिया गया था, लेकिन कंपनी की ओर से कोई जवाब नहीं दिया गया।
दूसरा मामला एंटीबायोटिक दवा ऑक्सीटेटरासाइक्लीन से जुड़ा है। यह नमूना वर्ष 2025 में शहंशाहबाद स्थित एई मेडिकल एजेंसी से लिया गया था। यह दवा हिमाचल प्रदेश के सोलन स्थित इंडियन हेल्थकेयर द्वारा निर्मित की गई थी। लैब रिपोर्ट में इस एंटीबायोटिक दवा की गुणवत्ता भी मानक के विपरीत पाई गई है। ड्रग्स इंस्पेक्टर ने बताया कि दोनों मामले में निर्माता फर्म के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कराई जा रही है।







